ठहरिये-
एक युवक....
मैं तकरीबन 20 साल के बाद विदेश से अपने शहर लौटा था! बाज़ार में घुमते हुए
सहसा मेरी नज़रें सब्जी का ठेला लगाये एक बूढे पर जा टिकीं, बहुत कोशिश के बावजूद भी मैं उसको पहचान नहीं पा रहा था !
लेकिन न जाने बार बार ऐसा क्यों लग
रहा था की मैं उसे बड़ी अच्छी तरह से
जनता हूँ !
मेरी उत्सुकता उस बूढ़े से भी छुपी न रही , उसके चेहरे पर आई अचानक मुस्कान से मैं समझ गया था कि उसने मुझे पहचान लिया था !
काफी देर की जेहनी कशमकश के बाद जब
मैंने उसे पहचाना तो मेरे पाँव के नीचे से
मानो ज़मीन खिसक गई !
जब मैं विदेश गया था तो इसकी एक बहुत बड़ी आटामिल हुआ करती थी नौकर चाकर आगे पीछे घूमा करते थे ! धर्म कर्म, दान पुण्य में सब से अग्रणी इस दानवीर पुरुष को मैं ताऊजी कह कर बुलाया करता था !
वही आटा मिल का मालिक और
आज सब्जी का ठेला लगाने पर मजबूर? मुझसे रहा नहीं गया और मैं उसके पास
जा पहुँचा और बहुत मुश्किल से रुंधे गले से पूछा :
"ताऊ जी, ये सब कैसे हो गया?"
भरी ऑंखें लिए मेरे कंधे पर हाथ रख उसने उत्तर दिया:-
"बच्चे बड़े हो गए हैं बेटा"..!
पंचशील प्रणाम
परमिल
जिंदगी केवल समस्या, तकलीफ, मुश्किलें, संघर्ष ही न होकर कुछ और भी है इतना तो मालूम है लेकिन वो कुछ और क्या है बस इसी की तलाश में मै ..और यक़ीनन आप भी तभी तो आप यहाँ है......
गुरुवार, 18 अप्रैल 2013
ये कहानी मेरे एक प्रसंशक ने भेजी है जो मुझे बहुत पसंद आई. आप भी पढिये शायद आप को कुछ सीखने को मिल जाए.
एक लड़की अपनी माँ के पास अपनी परेशानियों का बखान कर रही थी l
वो परीक्षl में फेल हो गई थी l सहेली से झगड़ा हो गया l मनपसंद ड्रेस प्रैस कर रही थी वो जल गई l
रोते हुए बोली, मम्मी ,देखो ना , मेरी जिन्दगी के साथ सब कुछ उलटा -पुल्टा हो रहा है l
माँ ने मुस्कराते हुए कहा, यह उदासी और रोना छोड़ो, चलो मेरे साथ रसोई में , "तुम्हारा मनपसंद केक बनाकर खिलाती हूँ"l
लड़की का रोना बंद हो गया और हंसते हुये बोली,"केक तो मेरी मनपसंद मिठाई है"l
कितनी देर में बनेगा, कन्या ने चहकते हुए पूछा l
माँ ने सबसे पहले मैदे का डिब्बा उठाया और प्यार से कहा, ले पहले मैदा खा ले l
लड़की मुंह बनाते हुए बोली, इसे कोई खाता है भला l
माँ ने फिर मुस्कराते हुये कहा,"तो ले सौ ग्राम चीनी ही खा ले"l
एसेंस और मिल्कमेड का डिब्बा दिखाया और कहा लो इसका भी स्वाद चख लो
"माँ"आज तुम्हें क्या हो गया है? जो मुझे इस तरह की चीजें खाने को दे रही हो ?
माँ ने बड़े प्यार और शांति से जवाब दिया,"बेटा"केक इन सभी बेस्वादी चीजों से ही बनता है और ये सभी मिलकर ही तो केक को स्वादिष्ट बनाती हैं .
मैं तुम्हें सिखाना चाह रही थी कि"जिंदगी का केक"भी इसी प्रकार की बेस्वाद घटनाओं को मिलाकर बनाया जाता है l
फेल हो गई हो तो इसे चुनौती समझो मेहनत करके पास हो जाओ l
सहेली से झगड़ा हो गया है तो अपना व्यवहार इतना मीठा बनाओ कि फिर कभी किसी से झगड़ा न होl
यदि मानसिक तनाव के कारण"ड्रेस"जल गई तो आगे से सदा ध्यान रखो कि मन की स्थिति हर परिस्थिति में अच्छी हो l
बिगड़े मन से काम भी तो बिगड़ेंगे l
कार्यों को कुशलता से करने के लिए मन के चिंतन को कुशल बनाना अनिवार्य है.
पंचशील प्रणाम
परमिल
एक लड़की अपनी माँ के पास अपनी परेशानियों का बखान कर रही थी l
वो परीक्षl में फेल हो गई थी l सहेली से झगड़ा हो गया l मनपसंद ड्रेस प्रैस कर रही थी वो जल गई l
रोते हुए बोली, मम्मी ,देखो ना , मेरी जिन्दगी के साथ सब कुछ उलटा -पुल्टा हो रहा है l
माँ ने मुस्कराते हुए कहा, यह उदासी और रोना छोड़ो, चलो मेरे साथ रसोई में , "तुम्हारा मनपसंद केक बनाकर खिलाती हूँ"l
लड़की का रोना बंद हो गया और हंसते हुये बोली,"केक तो मेरी मनपसंद मिठाई है"l
कितनी देर में बनेगा, कन्या ने चहकते हुए पूछा l
माँ ने सबसे पहले मैदे का डिब्बा उठाया और प्यार से कहा, ले पहले मैदा खा ले l
लड़की मुंह बनाते हुए बोली, इसे कोई खाता है भला l
माँ ने फिर मुस्कराते हुये कहा,"तो ले सौ ग्राम चीनी ही खा ले"l
एसेंस और मिल्कमेड का डिब्बा दिखाया और कहा लो इसका भी स्वाद चख लो
"माँ"आज तुम्हें क्या हो गया है? जो मुझे इस तरह की चीजें खाने को दे रही हो ?
माँ ने बड़े प्यार और शांति से जवाब दिया,"बेटा"केक इन सभी बेस्वादी चीजों से ही बनता है और ये सभी मिलकर ही तो केक को स्वादिष्ट बनाती हैं .
मैं तुम्हें सिखाना चाह रही थी कि"जिंदगी का केक"भी इसी प्रकार की बेस्वाद घटनाओं को मिलाकर बनाया जाता है l
फेल हो गई हो तो इसे चुनौती समझो मेहनत करके पास हो जाओ l
सहेली से झगड़ा हो गया है तो अपना व्यवहार इतना मीठा बनाओ कि फिर कभी किसी से झगड़ा न होl
यदि मानसिक तनाव के कारण"ड्रेस"जल गई तो आगे से सदा ध्यान रखो कि मन की स्थिति हर परिस्थिति में अच्छी हो l
बिगड़े मन से काम भी तो बिगड़ेंगे l
कार्यों को कुशलता से करने के लिए मन के चिंतन को कुशल बनाना अनिवार्य है.
पंचशील प्रणाम
परमिल
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